Shayari on Life in Hindi - शायरी ऑन लाइफ इन हिंदी

दोस्तों, इस Article में गुलज़ार जी की लिखी गयी जीवन पर आधारित शायरियां है। यह शायरी आप जब भी पढ़ेंगे आपको जीवन की कुछ सच्चियाँ मालूम चलेंगी। यह सभी शायरी जीवन के ऊपर Best Hindi Shayari है।

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Shayari on Life in Hindi


  

Best Shayari on Life - बेस्ट शायरी ऑन लाइफ





लोग कहते है समझो
तो खामोशियाँ भी बोलती है
मैं अरसे से खामोश हूँ
वो बरसों से बेखबर है।

Log kehte hai samjho to khamoshiyan bhi bolti hai
Main arse se khamosh hoon woh barso se bekhabar hai.





बैठे चाय की प्याली लेकर पुराने किस्से गरम करने 
चाय ठंडी होती गयी और आखें नम।

Baithe chai ki pyaali lekar purane kisse garam karne
Chai thandi hoti gayi aur aankhein nam.





बदलना कौन चाहता है 
यहां लोग मजबूर कर देते हैं 
बदलने के लिए।

Badalna kaun chahta hai
Yaha log majbur kar dete hain
Badalne ke liye.





मिलता तो बहुत कुछ है इस ज़िंदगी में 
बस हम गिनती उसी की करते हैं 
जो हासिल न हो सका। 

Milta to bahut kuch hai iss zindagi mein
Bas hum ginti usi ki karte hain
Jo haasil naa ho saka.





एक उम्र वो थी जब जादू पे भी यकीन था 
एक उम्र यह है जब हकीकत पे भी शक है।

Ek umr woh thi jab jaadu pe bhi yakin tha
Ek umr yeh hai jab hakikat pe bhi shak hai.




लोग पूछते हैं हमसे कि तुम कुछ बदल गए हो 
बताओ टूटे हुए पत्ते अब रंग भी ना बदले क्या। 

Log puchte hain humse ki tum kuch badal gaye ho
Batao toote huye patte ab rang bhi naa badle kya.





कितना निराला होता है यह बुरा वक़्त 
कोई अकेला रहना चाहता है 
तो कोई किसी के साथ। 

Kitna nirala hota hai yeh bura waqt
Koi akela rehna chahta hai
To koi kisi ke sath.





ज़िन्दगी छोटी नहीं होती है 
लोग जीना ही देर से शुरू करते हैं। 

Zindagi choti nahi hoti hai
Log jeena hi der se shuru karte hain.





जिनका मिलना किस्मत में नहीं होता 
उनसे मोहब्बत भी कमाल की होती है।

Jinka milna kismat mein nahi hota
Unse mohabbat bhi kamaal ki hoti hai.





कभी ज़िन्दगी एक पल में गुज़र जाती है 
कभी ज़िंदगी का एक पल नहीं गुज़रता।

Kabhi zindagi ek pal mein guzar jati hai
Kabhi zindagi ka ek pal nahi guzarta.






कुछ अलग करना चाहते हैं तो भीड़ से हट के चलिए 
भीड़ साहस तो देती है
मगर पहचान छीन लेती है। 

Kuch alag karna chahte hain to bheed se hat ke chaliye
Bheed saahas to deti hai magar pehchan chheen leti hai.






खत जो लिखा मैंने इन्सानित के पते पर 
डाकिया ही चल बसा पता ढूंढ़ते ढूंढ़ते। 

Khat jo likha maine insaaniyat ke pate par
Daakiya hi chal basa pata dhundte dhundte.





थोड़ा सुकून भी ढूंढिए जनाब 
यह ज़रूरते तो खत्म होगी नहीं। 

Thoda sukun bhi dhundiye janaab
Yeh zarurate to khatm hogi nahi.





शायरी के लिए कुछ खास नहीं चाहिए 
एक यार चाहिए वी भी दगाबाज़ चाहिए। 

Shayari ke liye kuch khaas nahi chahiye
Ek yaar chahiye woh bhi dagabaaz chahiye.






ज़िंदगी यह खरोंचे हैं तेरी मुझपर 
या फिर तू मुझे तराशने की कोशिश में है। 

Zindagi yeh kharoche hain teri mujh par
Ya phir tu mujhe tarashne ki koshish mein hai.






चट्टान बनकर आये थे जो सामने कभी 
गिरने लगे वो रेत की दिवार की तरह। 

Chattan ban kar aaye the jo samne kabhi
Girne lage wo ret ki diwaar ki tarah.






सोचा था घर बनाकर बैठूंगा सुकून से 
पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफिर बना दिया।

Socha tha ghar banakar baithunga sukoon se
Par ghar ki zarurto ne musafir bana diya.



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